सुन्दर धाम
शक्ल सिद्धिदात्री मां नर्मदा के पावन तट पर सुंदर धाम नाम का एक बहुत ही दिव्य स्थान है जहां साधु संतों की सेवा चलती रहती है इनकी एक शाखा उज्जैन में है जहां पर इस समय यज्ञ हो रहा है हनुमान जयंती को पूर्ण हो जाता है किस यज्ञ में महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 बालक दास जी महाराज एवं उनके शिष्य श्री श्री 1008 नारायण दास जी महाराज सहित अनेक संत का आगमन हो गया है
राइटर बाबा जो कि रामायणी जी नाम से भी विख्यात है यहां पर श्री रामचरितमानस का पाठ एवं श्री राम कथा कर रहे हैं
"संत हृदय नवनीत समाना"
संतों का हिर्दय कैसा होता है एक मक्खन की तरह ऐसा कवियों ने कहा है परंतु गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं कि वहां भी कुछ कमी है कवियों ने कहा तो है परंतु उसमें बात और कुछ भी है जो कि कहना भूल गए थे श्रीरामचरितमानस के माध्यम से कवि कहते हैं कि संत और मक्खन में अंतर है
मक्खन अपने ताप से अपनी गर्मी से ( पिघलाए जाने पर )ही पिघलते हैं परंतु संतो दूसरे के दुख को देखकर पिघल जाते हैं उनका हृदय दरिया के समान होता है दया से अभिभूत होकर द्रवित हो जाता है पिघल जाता है राइटर बाबा की रचना